February 27, 2021

डी जे पी सहाब से की न्याय की माँग

लगा रहे हैं। जी हां! सूबे के पीलीभीत जनपद के पूरनपुर इंस्पेक्टर केके तिवारी रक्षक नहीं बल्कि भक्षक बन बैठे हैं। देश की सुप्रीम कोर्ट कहती है कि अपराध घटित होने पर तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाये। सूबे के डीजीपी कहते हैं कि हर हाल में क्राइम कंट्रोल हो। छोटी से छोटी घटनाओं और बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाये। दूसरी ओर, गांधी परिवार के दूसरे युवराज वरूण गांधी के लोकसभा क्षेत्र पीलीभीत के पूरनपुर इंस्पेक्टर केके तिवारी सुप्रीम कोर्ट और डीजीपी के आदेशों को नहीं मानते। पूरनपुर थाना में तिवारी की अपनी आईपीसी चलती है। अंधेर नगरी चौपट राज की कहावत को चरितार्थ करते हुए पूरनपुर इंस्पेक्टर ने सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। इंस्पेक्टर तिवारी के कारनामे इलाकाई लोगों की जुबां पर चर्चा में हैं। ताजा मामला नरायनपुर गांव के रहने वाले सीमेंट व मोरंग व्यापारी सर्वेश कुमार पाण्डेय का सामने आया है। सत्रह मई की आधी रात सर्वेश कुमार पाण्डेय की दुकान के सामने खड़े उनके ट्रैक्टर से बाइक सवार चोर दो बैट्रा चोरी कर ले गए। पांडेय की दुकान के सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इनमें चोर कंपनी का एक सदस्य ट्रैक्टर से बैट्रे खोल रहा है। दूसरा निगरानी कर रहा है। बाइक से बैट्रे चोरी कर ले जाने के फुटेज भी तीसरी आंख में कैद हो गये हैं। पीड़ित व्यापारी ने क्षेत्रीय लोगों को सीसीटीवी फुटेज दिखाये तो उन्होंने चोर कंपनी की शिनाख्त पूरनपुर निवासी करन तथा सुनील कुमार प्रजापति के रूप में की। इसी आधार पर पीड़ित ने पूरनपुर इंस्पेक्टर से शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर ने एफआईआर दर्ज करने के नाम पर टहलाना शुरू कर दिया। अफसरों की फटकार पर बमुश्किल एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन चोर कंपनी को पकड़ने और चोरी गये बैट्रों की रिकवरी करने की जहमत नहीं की। करते भी कैसे , जब इंस्पेक्टर अपराधियों के पैरोकार हों। तीन दिन पहले दो जून को एक अन्य स्थान पर चोरी करते करन को रंगे हाथ पकड़कर पूरनपुर थाना पुलिस के हवाले किया गया। शाम होते ही रंगे हाथ पकड़े गए चोर को पुलिस ने छोड़ दिया। व्यापारी तथा अन्य लोगों ने कस्बा चौकी प्रभारी से मालूमात किया तो उन्होंने कहा कि कोतवाल ने मना किया है। चोर विकलांग है, उसे जेल नहीं भेजा जा सकता। साथ ही ये भी कहा कि इन चोरों का कुछ नहीं हो सकता है। इतना ही नहीं कोतवाल ने क्षेत्रीय लोगों से रातों में जागकर खुद अपने मकानों व दुकानों की रखवाली करने को कहा है। ये कोई पहला मामला नहीं है, जब कोतवाल का गैर जिम्मेदाराना रवैय्या रहा हो, इससे पहले भी आपराधिक घटनाओं के मामलों में उनके बिगड़े बोल सभी ने सुने हैं। जनता के प्रति गैर जिम्मेदार होने और अपराधियों के पैरोकार होने के कारण पूरनपुर इलाके में आपराधिक वारदातों में लगातार इजाफा हो रहा है। चोरी, लूट, छेड़खानी जैसे मामले अक्सर पुलिस अधिकारियों के यहाँ गूंजते रहे हैं। कुछ समय पहले ही दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान के क्राइम रिपोर्टर अवनीश पांडेय के फार्म हाउस पर हुई चोरी के मामले में इंस्पेक्टर की संवेदनहीनता का आलम यह रहा कि घटनास्थल पर घंटों बाद तब पहुंचे जब कप्तान मनोज सोनकर से लेकर एडीजी दफ्तर से उनकी फटकार पड़ी। अभी फार्म हाउस से हुई चोरी का भी खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में इलाके की जनता में बेहद आक्रोश है। आज बुद्धवार को पीड़ित व्यापारी तथा इलाके के तमाम लोग इंस्पेक्टर के खिलाफ डीआईजी राजेश कुमार पाण्डेय से मिले। डीआईजी ने मामले में जांच के निर्देश दिये हैं।

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