डग्गामारी जारी : जनता टोकती नहीं, पुलिस रोकती नहीं, ड्राइवर ने माना गलत, सवारियां बोलीं घर पहुँचने की मजबूरी, बसें हैं नहीं, हेलीकाप्टर से कैसे चल पाएं

डग्गामारी जारी : जनता टोकती नहीं, पुलिस रोकती नहीं, ड्राइवर ने माना गलत, सवारियां बोलीं घर पहुँचने की मजबूरी, बसें हैं नहीं, हेलीकाप्टर से कैसे चल पाए

पीलीभीत। जिस जनपद में बड़े नेता पिछले 3 दशक से केंद्र की सत्ता में आसीन हैं उस जिले की परिवहन व्यवस्था आज भी डग्गामरो के भरोसे होना कितनी गलत लगती है। कहीं रोड नहीं, रोड हैं तो बसें नहीं। सारा दारोमदार डग्गामारो पर है। मैजिक हो या टेम्पो आदमी को पशुओं की तरह ठूसकर भरा जाता है। ऐसे में दुर्घटनाये होती हैं लोग मरते हैं। नेताओ पर फर्क नही पड़ता क्योकि वे आसमानी यात्रा के आदि हो गए हैं।

सबकी अपनी अपनी मजबूरियां

पुलिस ऐसे वाहनों को अपनी अघोषित आमदनी घटाने के चक्कर मे रोकती नहीं। जनता जानती है कि यह गलत पर टोकती तक नहीं। चालक मालिक सब जानते हैं कि डग्गामारी ओवरलोडिंग सब गलत पर किये जा रहे हैं। सवारियों को भी पता है कि ओवरलोडिंग सजाएं जोखिम में पड़ सकती है पर घर पहुचने की मजबूरी जो न कराये। गरीब लोग गंतव्य तक जाने को हेलीकाप्टर तो नही ले सकते। बसें हैं नहीं तो क्या करें बेचारे। यह नजारा कहीं एक जगह का नहीं, हर गांव,कस्बा, शहर का नजारा ऐसा ही है।

यातायात जागरूकता अभियान चलाने वाले संदीप ने टेम्पो पर देखीं 20 सवारियां, रोककर समझाया

पूरनपुर के गायत्री परिजन संदीप खंडेलवाल को एक दिन पूर्व ओवरलोड टेम्पो दिखा तो रोका। पूछा, समझाया। चालक ने माना गलत है पर बताई मजबूरी। सवारियां उतर कर आ गई वे भी गंतव्य तक पहुचने की जल्दी और सवारी न मिलना बताने लगीं। संदीप ने यह घटना अपनी FB पर पोस्ट की है। देखिये उनके विचार।

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