विदेष मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर फुट पड़े अश्रु शब्द

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन हो गया। इसपर कई लोगो ने शोक जताया है। 

कोटि कोटि नमन

भारतीय संस्कृति की ‘सुषमा,’ राष्ट्र-पिता की बेटी।
मातृभूमि की सुता आज, हा! मातृभूमि पर लेटी।
जो ‘स्वराज’ सँग सु-राज की भी कौशेयिनि कमला थीं।सैद्धान्तिकता की व्यवहारिकता धवला अमला थीं।
सन्त्रासों में घिरे प्रवासी हिन्दी जन की माता।
कोटि-कोटि लाड़ले भारतीयों की भाग्य-विधाता।
‘देव’-सरीखे शब्द-साधकों की ‘दीदी मुँहबोली’।
वैश्विक हिन्दी मंचों पर थी जिसने ममता घोली।
हिन्दी की उद्दाम पोषिका,संस्कृत की संकाया।
हर भाषा का ज्ञान मनीषा ने जिसकी झलकाया।
कौन हुआ अपराध कि वह हम सबसे रूठ गयी है।
भारतीय जन-जीवन की डोरी ही टूट गयी है।
अवसादित संक्रमित समय की तुम ही तो थीं आशा।
देखी जग ने संसदीयता की सदेह परिभाषा।
कौन श्रेष्ठ जन को भावित श्रद्धा से आदर देगा?
सिवा तुम्हारें प्रेष्ठ जनों की कौन बलाएँ लेगा?
प्रश्न सभी ये पूछ रहे हैं उत्तर घुमड़-घुमड़कर।
धराशयित हो रहे दृगों से आँसू उमड़-उमड़कर।
चिर निद्रा में, काल, हन्त, असमय ही सुला गया है।
क्या अपने,क्या बेगाने सब ही को रुला गया है।
बहुत कठिन है सुखद स्मृतियों को विस्मृत कर देना।
भारत छोटी-सी विनती करता है, यह सुन लेना।
दीदी! तन से दूर हुईं, पर,मन से दूर न होना।
हम तुम से सीखे़ंगे भू पर चाँद-सितारे बोना।
यही सुभग संकल्प आज हम सब मन से वरते हैं।
इसी भाव से अर्पित हार्दिक श्रद्धांजलि करते हैं।

-आचार्य देवेन्द्र देव ,बरेली।

देश की बेटी श्रीमती सुषमा स्वराज आज हमारे साथ नहीं हैं। सम्पूर्ण देश एक उल्लेखनीय नेता के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करता है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन सार्वजनिक सेवा में समर्पित कर दिया, *मैं स्वयं उनकी कार्यशैली का फैन था उन्होंने अनेकों देशों से भारत के सम्बन्धों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है*।
ईश्वर ऐसी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें…यही प्रार्थना है।
*__शत__शत__नमन…🙏🏽🌹🙏🏽….*

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