कमिश्नर के आदेश पर जोगराज पुर का हुआ बड़ा फैसला

संवाददाता

राजकुमार श्रीवास्तव

जोगराजपुर ग्राम पंचायत में 1 साल पूर्व हुई थी चकबंदी जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था जिसकी शिकायतें जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक से की गई थी जांच के बाद जिला सहायक चकबंदी अधिकारी पीलीभीत को निलंबित भी किया जा चुका है आज कमिश्नर के आदेश पर सी ओ चकबंदी पूरनपुर अपनी टीम के द्वारा पहुच कर ।

जोगराजपुर में चकबंदी की खुली बैठक में एक स्वर से की गई पुनः चकबंदी कराने की मांग। बड़े पैमाने पर चकबंदी के दौरान अनियमितताएं बरती गई थी। 1 साल पूर्व हुई थी चकबंदी। जिसकी शिकायतें जिले से लेकर मुख्यमंत्री तक से की गई थी। जांच के आधार पर पीलीभीत के सहायक चकबंदी अधिकारी को निलंबित किया जा चुका है। आज कमिश्नर के आदेश पर चकबंदी सीओ टीम के साथ जोगराजपुर पहुंचे व खुली बैठक में किसानों की समस्याएं सुनी। किसानों ने एक स्वर से पुनः चकबंदी कराने की मांग की, साथ ही उन्होंने पूर्व में चकबंदी के दौरान गड़बड़ी बरतने की भी शिकायतें की। जुगराजपुर में आज प्राथमिक विद्यालय के पास बरम बाबा के स्थान पर खुली बैठक आयोजित की गई। जिसमें चकबंदी संबंधित शिकायतों को सुना गया। किसानों ने बताया कि चकबंदी का काम पूर्ण हो चुका है। 2% जमीन की कटौती भी की गई इसके बावजूद कहीं भी खेल का मैदान, चारागाह, खलिहान, खाद के गड्ढे व ग्राम समाज में कहीं भी सार्वजनिक जमीन नहीं छोड़ी। जोगराजपुर में कई ऐसे बड़े फार्म हैं जिनके खेतों की पैमाइश ही नहीं की गई। इन खेतों की पैमाइश निगरानी टीम द्वारा करा ली जाए तो आज भी 5 से 7 एकड़ जमीन बचत के रूप में निकल सकती है।इसलिए हम सभी किसान एक स्वर से मांग करते हैं कि जुगराजपुर क्षेत्र की चकबंदी निगरानी टीम के द्वारा कराई जाए, जिससे ग्राम समाज की जमीन कब्जेदारों के चंगुल से निकलकर सार्वजनिक हित में प्रयोग में लाई जाए। इस मौके पर ठाकुर प्रतिपाल सिंह, राजेंद्र यादव, अनू वर्मा, राम कुमार भारती, हरिओम शर्मा, आशुतोष शर्मा, शिवसागर लाल वर्मा, विजेंद्र शुक्ला, रमेशचंद्र शुक्ला, मुकेश वर्मा पूर्व प्रधान, जगदीश प्रसाद वर्मा प्रधान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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