शतचंडी महायज्ञ का पूर्णाहुति एवं भण्डारे के साथ हुआ समा

अमरैयाकलां(पीलीभीत)। दिव्य शक्ति पुँज महाकाली शक्तिपीठ नागराज मंदिर में चल रहे नवें शतचंडी महायज्ञ का पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारे के साथ समापन हो गया।

पूरनपुर-माधोटांडा रोड पर तहसील मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर गांव तकियादीनारपुर के दिव्य शक्ति पुँज महाकाली शक्ति पीठ नागराज मंदिर लोगों का आस्था का केंद्र है। मंदिर के महंत सूरजगिरि के द्वारा 4 जून से कलश यात्रा के साथ नवां सात दिवसीय सात कुण्डीय शतचंडी महायज्ञ प्रारम्भ हुआ था। जिसमें नैमिषधाम से पधारे यज्ञाचार्य रितेश शास्त्री ने मंत्रोचारण के साथ ज्ञानयज्ञ में आने बाले सभी भक्तों से प्रतिदिन 11 हजार आहुतियां दिलवाई और हजारों भक्तों ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा करके पूजा अर्चना की। इस शतचंडी महायज्ञ में सुबह को यज्ञ होता था।

तथा दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक और रात 8 बजे से 11 बजे तक कथा का आयोजन होता था।
पलिया से पधारी भगवताचार्य साध्वी संजीवनी मिश्रा द्वारा प्रतिदिन भक्तों को प्रवचन सुनाकर भक्तों को मुग्धित कर दिया। उन्होंने बताया कि कर्म के द्वारा ही ज्ञान वैराग्य, मुक्ति का सच्चा ठिकाना मिलता है, सन्त भी बिना कर्म किए रह नहीं सकते। जनपादिकों ने कर्म के द्वारा सिद्धि पाई है। इसमें भगवदगीता प्रमाण है। अमलात्मा संत निष्कर्म भाव से भगवत कर्म करते है और कर्म उनको छू नहीं पाते है। सत्य संकल्प होते है।

मन्दिर के महंत सूरजगिरि ने पूजा अर्चना कर विशाल भण्डारे का 11 कन्याओं को भोजन खिलाकर विशाल भंडारे का शुभारम्भ किया। जिसमें क्षेत्र के गांव रुरियासलेमपुर, अमरैयाकलां, तकियादीनारपुर, सुखदासपुर, नवदियाधनेश, देवीपुर, नवदियाटोडर, लोहरपुरी, खाता, गौटिया, मोहम्मदपुर, मुजफ्फरनगर, सुंदरपुर, रघुनाथपुर, धरमंगदपुर, महादिया, खमरियापट्टी, पूरनपुर सहित कई जगह के हजारों श्रद्धालुओं ने मन्दिर पर पहुंचकर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर विजय गौड़, हरिओम पांडेय, चरन सिंह,अवधेश पांडे, शिवम, प्रेमपाल, अर्जुनसिंह, अभिषेक, सियाराम, रामकिशोर, श्रीकृष्ण, मिथलेश शुक्ला, गायत्री पांडेय, अजय पांडेय, सतेंद्र सिंह, भगवान दास, बब्बल, बिल्ला, संजीव सिंह, राजेश सिंह, मायाराम, राकेश सिंह सहित हजारों ऋद्धालु मौजूद थे।

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